Friday, November 28, 2014

हस्ना ना रोना

आज रोत़े रोते आख पथरा सी गई शायद
रोना जो भूल गए थे हम
हस्ने कि बारी जब आए
बुला लेना हमको भी प्यारे
वारे-न्यारे हो जाएंगे हम
:-)!

अस्तु !

0 comments:

Post a Comment